Chhath Puja 2025: 175 किलो प्रसाद के साथ गाजियाबाद में छठ महापर्व की धूम

सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि “छठ मैया का व्रत केवल पूजा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का माध्यम है। हर साल यह पर्व हमें एकता, सेवा और संयम का संदेश देता है।” उन्होंने आगे कहा कि “हमारा उद्देश्य सिर्फ पूजा करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाना है।”
Chhath Puja 2025 Bharat Viral News

2025 : भारत में आस्था और परंपराओं का संगम कहलाने वाला छठ महापर्व (Chhath Puja) शुरू हो चुका है। पूरे देश में इस पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। घाटों की सजावट पूरी हो चुकी है, और जगह-जगह व्रती महिलाएं छठी मैया की आराधना की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस बार भी गाजियाबाद में छठ पूजा 2025 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

गाजियाबाद में इस बार छठ पूजा 2025 को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। नगर निगम ने घाटों की साफ-सफाई और सजावट के लिए विशेष टीम लगाई है। हर साल की तरह इस बार भी इंदिरापुरम, वैशाली, कविनगर और साहिबाबाद में घाट सजाए गए हैं।

इसी क्रम में इंदिरापुरम के Shipra Sun City Phase-2 में भी व्रतियों और भक्तों के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं। यहां पर पिछले 12 वर्षों से लगातार छठ महापर्व का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

Helprush Foundation की पहल

Helprush Foundation के अध्यक्ष और Shipra Windsor and Nova Society के पूर्व अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव इस बार भी व्रत रख रहे हैं। पिछले कई वर्षों से वो छठ पूजा का आयोजन अपने समाज में कर रहे हैं। इस बार उनके साथ 32 व्रती छठ मैया का व्रत रख रहे हैं।

इस अवसर पर सुधीर श्रीवास्तव ने अग्नि देव की आराधना की और पूजा-पाठ के बाद प्रसाद तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। श्रद्धा और आस्था के इस माहौल में समाज के लोग एकजुट होकर इस पर्व को विशेष बना रहे हैं।

175 किलो प्रसाद (ठेकुआ) से महकेगा Shipra Society का माहौल

छठ पूजा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ठेकुआ का प्रसाद। इस बार Shipra Society में कुल 175 किलो प्रसाद तैयार किया जा रहा है। ये प्रसाद शुद्ध देसी घी और देशी आटे से बनाया जा रहा है, ताकि इसका स्वाद और पवित्रता बनी रहे।

ये प्रसाद सिर्फ सोसायटी के लोगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे दूर-दराज तक लोगों में बांटा जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी लोग श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे और सूर्य देव से सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

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छठ पूजा की प्रमुख तिथियां और व्रत का महत्व

छठ पूजा 2025 Date इस साल 26 अक्टूबर से शुरू होकर 29 अक्टूबर तक चलेगी।
नहाय खाय (पहला दिन) – व्रती स्नान कर सात्विक भोजन करते हैं।
खरना (दूसरा दिन) – इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर रात में गुड़-चावल का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन) – व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
उषा अर्घ्य (चौथा दिन) – अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है।

ये पर्व केवल पूजा नहीं बल्कि अनुशासन, तप और भक्ति का प्रतीक है। इस दौरान लोग पूरी निष्ठा और संयम से अपने मन और शरीर को शुद्ध रखते हैं।

छठ पूजा के प्रसाद की विशेषता और परंपरा

छठ पूजा का प्रसाद पूरी तरह से घर पर तैयार किया जाता है। इसमें ठेकुआ, रसियाव, गुड़ का खीर, फल, ईख और नारियल शामिल होते हैं। व्रती महिलाएं इस प्रसाद को बिना नमक और लहसुन-प्याज के बनाती हैं। यही कारण है कि यह प्रसाद पवित्र माना जाता है।

गाजियाबाद की सोसायटी में तैयार किया जा रहा प्रसाद भी पूरी परंपरा का पालन करते हुए बनाया जा रहा है। इस बार 175 किलो ठेकुआ बनाया जा रहा है, जिससे सोसायटी और आस-पास के क्षेत्रों में आस्था का वातावरण फैल गया है।

गाजियाबाद में सामूहिक छठ पूजा की बढ़ती परंपरा

पिछले कुछ वर्षों से गाजियाबाद में सामूहिक छठ पूजा का चलन तेजी से बढ़ा है। पहले ये पर्व केवल बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों तक सीमित था, लेकिन अब इसे हर धर्म और क्षेत्र के लोग समान आस्था के साथ मना रहे हैं।

इंदिरापुरम की Shipra Society इस परिवर्तन का बड़ा उदाहरण बन चुकी है। यहां पिछले 12 सालों से लगातार छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। हर साल बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं, जिससे यह पर्व अब एक समाजिक एकता का प्रतीक बन गया है।

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छठ महापर्व के लिए बनता प्रसाद
सुधीर श्रीवास्तव का संदेश — “आस्था से बड़ा कोई पर्व नहीं”

सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि “छठ मैया का व्रत केवल पूजा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का माध्यम है। हर साल यह पर्व हमें एकता, सेवा और संयम का संदेश देता है।” उन्होंने आगे कहा कि “हमारा उद्देश्य सिर्फ पूजा करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाना है।”

छठ पूजा में सुरक्षा और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान

गाजियाबाद प्रशासन ने छठ पूजा को लेकर विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। घाटों पर पुलिस और NDRF टीम की तैनाती की गई है। इसके अलावा हेल्थ डिपार्टमेंट ने मेडिकल टीम भी लगाई है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

नगर निगम की ओर से घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पानी की निकासी का पूरा ध्यान रखा गया है। इस बार श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

सूर्य देव की उपासना का संदेश

छठ पूजा केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सूर्य की उपासना से शरीर को विटामिन D की प्राप्ति होती है और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा, सूर्यास्त और सूर्योदय के समय पूजा करने से शरीर की ऊर्जा संतुलित रहती है। यही कारण है कि छठ पर्व को “आस्था और विज्ञान का अनोखा संगम” कहा जाता है।

गाजियाबाद के लोगों में दिखा जबरदस्त उत्साह

गाजियाबाद की गलियों, सोसायटियों और घाटों पर आज सिर्फ एक ही बात गूंज रही है — “जय छठी मैया।” बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उत्साहित हैं। लोग एक-दूसरे को छठ की शुभकामनाएं दे रहे हैं और प्रसाद बांट रहे हैं। संध्या अर्घ्य के समय हजारों दीपकों से सजे घाटों का दृश्य मन को मोह लेने वाला होता है। हर चेहरे पर आस्था की चमक दिखाई देती है।

छठ पूजा 2025: एकता और संस्कृति का संदेश देने वाला पर्व

केवल पूजा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान है। ये पर्व सिखाता है कि आस्था और मेहनत से जीवन में हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। गाजियाबाद की Shipra Society में सुधीर श्रीवास्तव और Helprush Foundation का यह आयोजन इस परंपरा को और भी जीवंत बना रहा है। हर साल की तरह इस बार भी लोगों में नई ऊर्जा और उमंग देखने को मिल रही है।

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छठ पूजा 2025 भारत के सबसे पवित्र पर्वों में से एक है, जो सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है। गाजियाबाद में Shipra Sun City Phase-2 में इस बार 175 किलो प्रसाद (ठेकुआ) बनाकर समाज के लोगों में वितरित किया जा रहा है। सुधीर श्रीवास्तव और Helprush Foundation के प्रयासों से ये पर्व न सिर्फ आस्था बल्कि एकता और सहयोग का प्रतीक बन गया है। इस छठ पर्व पर हर कोई यही कामना कर रहा है कि छठी मैया सबके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।

छठ पूजा क्या है? क्यों मनाई जाती है छठ पूजा

छठ पूजा (Chhath Puja) सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है। ये पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। कहा जाता है कि सूर्य देव की उपासना से जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

छठ महापर्व चार दिनों तक चलता है — नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और सुबह का अर्घ्य। इन चार दिनों में व्रती महिलाएं और पुरुष कठोर नियमों और संयम के साथ उपवास रखते हैं।

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Mohit Singh Author
Mohit Singh Chaudhary is a seasoned journalist with over 10 years of experience in the media industry. Throughout his career, he has worked with several reputed news organizations, including India News, Zee News, ANB National, Khabar Fast, Citizen Voice, OK India, HCN News, and VK News.
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